प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना क्या है – (PMMVY) – Online Registration

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना क्या है? ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करे

नमस्कार दोस्तों, गंगाज्ञान पर आप सबों का फिर से स्वागत है। आज के इस पोस्ट में हम आपको प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के बारे में जानकारी देने वाले है। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई गई Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana 2020 की विस्तृत जानकारी यदि आप जानना चाहते है तथा अभी तक जो लोग इस योजना का लाभ नही उठाये है यदि वे इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो इसके बारे में पूरी जानकारी आप हमारे इस लेख के माध्यम से प्राप्त करके योजना में शामिल जो सकते है। साथ ही यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आता है तो अपने दोस्तों, अपने परिवार के साथ जरूर शेयर कीजिये।

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आज के इस आर्टिकल में हम Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana (गर्भावस्था सहायता योजना) जिसे पहले मातृत्व सहयोग योजना के नाम से जाना जाता था कि सम्पूर्ण जानकारी बताने वाले हैं –

Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana क्या है?

प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है। प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना गर्भवति और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए चलाया गया है। पहले इस योजना को मातृत्व सहयोग योजना कहा जाता था जिसे 2010 ईस्वी में वर्तमान प्रधानमंत्री श्री मति इंदिरा गांधी जी के द्वारा चलाई गई थी। जिसे इंदिरा गांधी मातृ सहयोग योजना (IGMSY) का नाम दिया गया था।

लेकिन बाद में जब 2014 में भाजपा सरकार बनी तब इसे बदलकर मातृ सहज योजना किया गया। बाद में इसे संशोधित करते हुए 1 जनवरी 2017 को प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस योजना को प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना ( PMMVY) के रूप में पूरे भारत मे लागू कर दिया गया। जो देश के अब सभी राज्यो में कार्यरत है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना 2020 के तहत महिलाओ को विभिन्न खाद्य सामग्री और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए कुछ योग्यताएं और निर्देश भी जारी किए गए हैं। इन शर्तों का पालन करते हुए पात्र लाभुक महिला ही इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो सकती है।

Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana 2019-20 आर्थिक लाभ

प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला और माताओं को अपना एवम अपने नवजात की देखभाल के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत खाद्य सामग्री एवम योजना के तहत 6000/रु की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह आर्थिक सहायता तीन किस्तों के रूप में सीधे लाभार्थी के बैंक एकाउंट में जाता है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना 2020 के अंतर्गत इस योजना को लोकप्रिय बनाने और इससे जुड़ने के लिए आशा एवम सभी सेवी संगठनों के माध्यम से लोगो को जागरूक किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2019-20 के दौरान 4000 करोड़ से भी ज्यादा की राशि लाभुको को ट्रांसफर की गई है। जैसा कि हमने बताया कि महिलाओ को आर्थिक लाभ तीन किस्तो में पूरा कराया जाता हैं। तो चलिए जानते है किस्तो के बारे में।

तीन किस्तो में दी जाती है आर्थिक मदद राशि

प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना 2020 के अंतर्गत पात्र महिलाओं को तीन किस्तो में 5000/रु तक कि आर्थिक लाभ मिलती है जो कि गर्भवस्था से लेकर बच्चे की देखभाल के लिए मिलती है। साथ ही शहरी क्षेत्र की लाभुक महिला को बचे हुए 1000/रु की धनराशि जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के समय दिया जाता है और ग्रामीण क्षेत्र की लाभुक महिला को प्रसव के समय 1400/रु की धनराशि जननी सुरक्षा योजना के तहत दे दिया जाता है।

इस प्रकार दोनों प्रायोजित योजनाये 6000/रु या 6400/रु की आर्थिक मदद करती है। चलिए जानते है मातृत्व वन्दना योजना की तीन किश्तों के बारे में विस्तार से-

पहला क़िस्त– पहले किस्त में लाभुक को 1000/रु की आर्थिक मदद मिलती है। यह आर्थिक सहायता गर्भावस्था के प्रारम्भिक समय में पंजीकरण कराते समय ही प्रदान किया जाता है। जो कि गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र पर पंजीकरण कराने पर ही दिए जाएंगे।

दूसरा क़िस्त- दूसरी क़िस्त लाभुक को उसके गर्भधारण के 6 महीने के अंदर प्रयोगशाला में जांच कराने के बाद दिए जाएंगे या फिर प्रसव से पहले ही दिया जाता है। इसमे लाभुक को 2000/रु की धनराशि प्रदान की जाती है।

तीसरा क़िस्त-तीसरा क़िस्त शिशु के जन्म और उसके पंजीकरण और सभी तमाम टीकाकरण कार्यो जैसे कि BCG जांच, DPT जांच, OPV जांच इत्यादि के पहले चरण को पूरा करने के बाद दिया जाता है। इसमे लाभुक को 2000/रु की धनराशि प्रदान की जाती है। बाकी 1000 रु जननी सुरक्षा के तहत प्रसव के समय दिया जाता है।

PMMVY 2020 के लिए योग्यता

भारत की सभी गर्भवति और स्तनपान कराने वाली गरीब महिलाये एवं माताएं प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए पात्र मानी गयी है। लेकिन इसके लिए महिलाओ को निम्न प्रकार से योग्य होना होगा। जैसे-

  1. प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं की उम्र 19 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। 19 वर्ष से कम उम्र की गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ नही मिल पायेगा।
  2. गर्भवती महिलाओं को सिर्फ पहली डिलीवरी तक ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
  3. सरकारी कर्मचारी या किसी अन्य कानून से लाभ पा रही प्राइवेट कर्मचारी जैसी गर्भवती महिलाओं को योजना के लाभ पाने के योग्य नही मानी गयी है। सरकारी कर्मचारी की सेवाशर्तों में वेतन के साथ ही मातृत्व वन्दना अवकाश जैसे लाभ पहले से ही जोड़ दिए जाते हैं।
  4. यदि महिला ने पहले प्रसव के सभी किस्तो को प्राप्त कर चुकी है तो वह दूसरे प्रसव के दौरान इस योजना के योग्य नही मानी जायेगी।
  5. आंगनबाड़ी सहायिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता आशा सहायिका इत्यादि कुछ श्रेणियां मातृत्व वन्दना योजना के लाभ लेने के योग्य मानी गयी है।
  6. एकल महिलाये, अविवाहित महिलाये,अभित्यक्त पत्निया और विधवा महिलाये इस योजना के लाभ के योग्य नही मानी गयी है। क्योंकि पंजीकरण के दौरान पति की भी आवश्यकता पड़ती है।
  7. अगर पहले प्रसव के दौरान नवजात शिशु जीवित नही जन्म लेता है तो लाभुक को इस योजना का पूरा लाभ नही मिल पायेगा। अर्थात यदि शिशु मृत पैदा होता है तो आवेदक को तीसरा किश्त का लाभ नही मिल पायेगा।

Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana के लिए जरूरी दस्तावेज

प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के अंतर्गत महिला को केवल पहले बच्चे के जन्म के आधार पर ही इस योजना का लाभ दिया जाता है। वो भी एक ही बार नही दिया जाता है। यह आर्थिक लाभ महिला को तीन किस्तो में मुहैया कराया जाता है। तीनो किश्तों का लाभ लेने के लिए हर समय निम्न दस्तावेजो की आवश्यकता होगी। जो इस प्रकार है-

  1. इस योजना में पंजीकरण के लिए आवेदक महिला को अपने आधारकार्ड का फोटोकॉपी के साथ ही अपने पति के आधारकार्ड संबंधी विवरण भी प्रस्तुत करना होगा। (Both Husband & Wife’s Adhar card photocopy)
  2. लाभुक महिला को अपने वैवाहिक घर के पता संबंधी जरूरी दस्तावेज की आवश्यकता होगी। (Proof of address of)
  3. आवेदक का बैंक अथवा पोस्ट आफिस खाता की पासबुक का फोटोकॉपी (Copy of Passbook)
  4. पहचान पत्र का फोटोकॉपी (Copy of identy proof card/copy of Voter ID Card
  5. राशन कार्ड का फोटोकॉपी/ राशन कार्ड में नाम होना चाहिए। (For Both Husband and Wife, copy of Ration Card- as proof of address)
  6. माता और शिशु सुरक्षा कार्ड Mother and Child Protection Card)

PMMVY में पंजीकरण कैसे करे?

चूंकि Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/आशा कार्यकर्ता के माध्यम से नोडल एजेंसी के रूप में संचालित करवाया जाता है। इसलिए अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर जाकर भी आशा कार्यकर्ताओं की मदद से इस योजना में पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण करने के दौरान सभी 6 फॉर्म को भरना होता है फॉर्म में कुल 30 से 32 पन्ने होते हैं जो लाभुक के द्वारा भरा जाता है।

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पहली बार पंजीकरण करते समय लाभुक को अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर जाकर तीन फॉर्म भरकर जमा करना होगा। पहली किश्त का लाभ लेने के लिए पहला फॉर्म, दूसरी किश्त का लाभ लेने के लिए दूसरा फॉर्म और तीसरी क़िस्त का लाभ लेने के लिए तीसरा फॉर्म भरना होगा। अर्थात इस प्रकार दूसरी और तीसरी किश्त का लाभ लेने के लिए भी आवेदक को फॉर्म भरने होंगे। कुल मिलाकर 6 फॉर्म भरने होंगे। दस्तावेजीकरण की जटिल प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही लाभुक को तीनों किश्तों का लाभ मिलता है।

PMMVY (Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana) योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को जागरूक करना है। इस योजना का लक्ष्य गर्भावस्था, प्रसव, स्तनपान करने वाली महिलाओं को जागरूक कर प्रोत्साहित करना है।महिला और शिशु की देखभाल तथा संस्थागत सेवाओ के उपयोग को बढ़ावा देना ही इस योजना का उद्देश्य है। यह योजना गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण से लेकर प्रसव और स्तनपान कराने तक आर्थिक मदद करती है। जो ग्रामीण क्षेत्रों में 6400/रु और शहरी क्षेत्रों में 6000/रु की आर्थिक मदद तय की गई है। इस योजना के अंतर्गत गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण कराते समय 1000 रु , गर्भवस्था के 6 महीने के अंदर गर्भवती महिलाओं के गर्भ जांच के क्रम में 2000रु, प्रसव के दौरान 1000रु/1400रु तथा शिशु के जन्म तथा शिशु के पंजीकरण, उसके टीकाकरण के पहले चरण तक 2000/रु की आर्थिक मदद दी जाती है।

इस प्रकार यह योजना गर्भवती के पहले गर्भ के दौरान से लेकर 6 महीने की प्रारम्भिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोहसाहित करता है। साथ ही महिला एवं बाल विकास और इनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए आर्थिक लाभ के अलावा नमकीन पोशाहार /मीठा पोषाहार भी दिया इस योजना का मुख्य लक्ष्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और उनके बच्चे को कुपोषित होने से बचाना है तथा मृत्यु दर को कम करना है।

Conclusion

उमीद है कि यह Pradhanmantri Matritva Vandana Yojana (PMMVY) की जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी। आप इस जानकारी को अपने मित्रों के साथ शेयर कर हमारा मनोबल बढ़ा सकते है ताकि हम इसी तरह आपके लिए नई-नई जानकारिया लिख सके। यदि आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते है।