Pradhanmantri Janani Surksha Yojna – (JSY) – गर्भवती महिला को लाभ

नमस्कार दोस्तों गंगाज्ञान पर आप सबो का फिर से स्वागत है अक्सर हम अपने आस पास देखते आये हैं कि हमारे देश भारत मे हर वर्ष गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं की मौत हो जाती है। तो कितने ही बच्चे जन्म लेते ही मर जाते है। गर्भावस्था के दौरान कुछ क्षण ऐसे भी होते है कि जहां आर्थिक दिक्कतों के कारण और सही इलाज के अभाव में जच्चा बच्चा दोनों को जान का खतरा हो जाता है यहाँ तक कि गर्भवस्था के दौरान सही खान पान के अभाव में बच्चे कुपोशण का शिकार भी हो जाते है।

Pradhanmantri Janani Surksha Yojna

इस प्रकार गर्भावस्था के दौरान आर्थिक स्थितियो और सही इलाज के अभाव के कारण होने वाली दिक्कतों और परेशानियों के कारण आज हमारे देश मे 56 हजार से भी ज्यादा महिलाये हर वर्ष मृत्यु पा रही है। महिलाओ को गर्भवस्था से लेकर प्रसव तक कि सारी समस्याओं को समझते हुए तथा नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने Pradhanmantri Janani Suraksha Yojana की शुरुआत की है।

प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना 2020 क्या है? इस योजना के फायदे क्या है, इस योजना से लाभ कैसे मिलेगा, कैसे करेंगे Online Registration? तथा PMJSY का क्या उद्देश्य है? इत्यादि सभी तथ्यों की जानकारी हम आपको इस लेख में बताने वाले है यदि आप भी प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों में शामिल होना चाहते हैं या JSY से सम्बंधित जानकारी जानना चाहते हैं तो हमारा यह आर्टिकल पूरा जरूर पढ़िए और अपने दोस्तों, माताओ, बहनो के साथ शेयर कीजिये। तो चलिए शुरू करते हैं-

प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना (Pradhanmantri Janani Surksha Yojna)-PMJSY

प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना (Pradhanmantri Janani Surksha Yojna, PMJSY) भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक सुरक्षित मातृत्व योजना है। इस योजना को गरीब गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृत्व और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए शुरू किया गया है। यह योजना गर्भवस्था के दौरान प्रसूति पूर्व देखभाल, प्रसव के दौरान संस्थागत देखभाल और प्रसव के बाद जच्चा बच्चा के देखभाल के साथ साथ नकद राशि भी प्रदान करती है। जिसमे शहरी क्षेत्र की महिला को 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रु दी जाती है।

यह एक 100% केंद्र प्रायोजित योजना है प्रधानमंत्री जननी योजना की शुरुआत 12 अप्रैल 2005 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गई थी। यह योजना कम निष्पादन वाले राज्यों (LPS) पर विशेष ध्यान देती है इसके साथ-साथ सभी राज्यो एवम संघ राज्यो में चल रही है। इस योजना के तहत दस कम निष्पादन वाले राज्यो विशेष कर 8 EAG जैसे असम तथा जम्मू कश्मीर और सभी NE राज्यो में सरकार और गर्भवती महिलाओं के बीच एक प्रभावी कड़ी के रूप में एक अधिकृत स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा की पहचान की गई है। इसके अलावा अन्य सभी राज्यो और केंद्र शासित प्रदेशों में जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (AWW) और TBA/ASHA जैसे कार्यकर्ता इस योजना में संलग्न है।

जननी सुरक्षा योजना (JSY) से महिलाओ को आर्थिक लाभ

गर्भवती महिलाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव के लिए विशेषतः नकद रूप से आर्थिक लाभ संस्थान द्वारा तुरंत ही प्रभावी ढंग से दिया जाता है। यह नकद गर्भवती महिला को एक ही बार मे दे दिया जाता है। प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना महिलाओ को अपना प्रसव सरकारी अस्पतालों में करवाने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके लिए सरकार जननी सुरक्षा योजना की तरफ से महिलाओ के प्रसव के बाद 6000/रु की आर्थिक सहायता भी करती है।

चूँकि हम हर वर्ष यह देखते है कि बहुत सारे शिशु के जन्म के बाद एक साल के अंदर ही उसकी मृत्यु हो जाती है। इसलिए इन बातों पर ध्यान देते हुए सरकार का यह सोच है कि यदि गरीब परिवार की महिलाओं को प्रसव के पहले सही जांच हो, प्रसव के बाद आर्थिक सहायता की जाए तो इससे गरीब परिवार की महिलाओं/शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रसव से पूर्व गर्भवती महिलाओं की सारी जांच की देखभाल की जाए तो शिशु मृत्यु दर में अवश्य ही कमी आएगी। इसके लिए सरकार इस योजना के तहत गर्भवतियों को निःशुल्क जांच कराया जाता है और सरकारी अस्पतालों में प्रसव भी निःशुल्क कराया जाता है।

जननी सुरक्षा के अंतर्गत शहरी क्षेत्र की महिलाएं यदि सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराती हैं तो उसे प्रसव के बाद 1000 रु दिए जाते है। यदि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराती है तो उसे 1400 रु मिलते है। साथ ही प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के तहत महिलाओ को 5000/रु और भी दिए जाते है।

इस प्रकार शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को 6000/रु तथा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 6400/रु दिए जाते है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्तों के माध्यम से उन्हे 5 साल तक बच्चों के टीकाकरण भी निःशुल्क करने की सुविधा की गई है। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व जच्चा-बच्चा की सेहत के लिए और प्रसव के बाद शिशु के 3 वर्ष पूरे होने तक माँ और बच्चे को पोषण आहार भी दिया जाता है। यदि कोई भी गर्भवती महिला आशा चिकित्सक या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति में घर पर ही बच्चे को जन्म देती है तो उसे 500 रु की आर्थिक मदद मिलेगी।

Janani Surksha Yojna की खास कड़ी

चूँकि इस योजना ने मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ASHA) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को चुना है ये महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। हमारे देश भारत मे लगभग 10 सबसे पिछड़े इलाकों में आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही गरीब गर्भवती महिलाओं और सरकार के बीच एक कड़ी के रूप में कार्यरत है जो गर्भवतियों को सरकारी प्रणाली से जोड़ने के लिए आपके क्षेत्र में नियुक्त किये गए है। इसलिए इस योजना के माध्यम से अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से बहुत ही आसानी से इस योजना का लाभ उठा सकते है।

ये घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान करती है गर्भवतियों की पूरी जांच करती है उनके डिलीवरी के वक्त सरकारी वाहनों की सुविधा देती है। उन्हें अस्पताल लेकर जाती है उनकी डिलीवरी कराती है और जननी सुरक्षा योजना के तहत धनराशि भी दिलवाने तक कि सारी औपचारिकता को पूरी करतीं हैं। साथ ही बच्चे की निःशुल्क डिलीवरी करने के बाद घर-घर जाकर टीकाकरण से सबंधित जानकारी भेजती है और बच्चो का निःशुल्क टीकाकरण भी करती है।

जननी सुरक्षा योजना की विशेषताये

जननी सुरक्षा योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले महिलाओं को संस्थागत प्रसव के बाद आर्थिक मदद करती है। Janani Surksha Yojna की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-

1 . गर्भवती महिला को प्रसव के लिए प्रेरित करती है –

इस योजना के तहत दो अलग-अलग क्षेत्र की महिलाओं को शामिल किया गया है ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्र। जननी सुरक्षा योजना गरीब गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सेवाएं प्रदान कर उन्हें प्रेरित करती है। ग्रामीण क्षेत्रो में गरीबी रेखा से नीचे की सभी गर्भवती महिलाओं को सरकारी संस्थानों में प्रसव के बाद सरकार द्वारा 1400रु दिए जाते हैं साथ ही आशा सहयोगी या सहिया को सरकारी अस्पतालों में प्रसव प्रोत्साहन के लिए 300 रु प्रति प्रसव दिया जाता है और प्रसव के पूर्व सेवा प्रदान करने के लिए भी 300 रु प्रति गर्भवती महिला पर दिया जाता है।

शहरी क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद 1000रु दी जाती है। और आशा सहयोगी को सरकारी अस्पतालों में गर्भवतियों को प्रसव के लिए प्रोत्साहन के रुप में 200रु प्रति प्रसव दिए जाते हैं साथ ही प्रसव से पहले सरकारी सेवाएं सुव्यवस्थित करने के लिए प्रति गर्भवती 200रु दिए जाते हैं।

2. सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना-

जननी सुरक्षा योजना के तहत उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखण्ड, असम, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उड़ीसा और जम्मू काश्मीर इत्यादि राज्यो को निम्न प्रसव दर राज्य के रूप में नामित किया गया है इन राज्यो में अभी भी महिलाओ को सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए प्रेरित करने का कार्य स्तर नीचे है।

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इन्हें अधिक से अधिक महिला प्रोत्साहन पर बल देना चाहिए। शेष राज्यो को उच्च प्रसव दर राज्य के रूप में नामित किया गया है। निम्न प्रदर्शन करने वाले राज्यो को LPS और उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्यो को HPS घोषित किया गया है।

3. सभी गर्भवतियों की देखभाल करना-

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत पंजीकृत सभी लाभुक गर्भवतियों के पास एक MCH कार्ड के साथ एक जननी सुरक्षा कार्ड (JSY कार्ड) होना चाहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी और ANM की संपूर्ण देखरेख में चुनी गई संबंधित सभी अधिकृत कार्यकता, आशा कार्यकर्ता और AWW कार्यकर्ता ही योजना से जुड़ी विस्तृत जन्म योजना तैयार करेंगे। यह प्रभावी रूप से प्रसव पूर्व की सभी जांच और प्रसव के बाद की सभी प्रकार की देखभाल में मदद करेंगे।साथ ही लाभार्थी को लाभ दिलवाऐंगे।

Janani Surksha Yojna के लिए पात्रता

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं विशेष कर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाएं, शहरी क्षेत्रों की महिलाएं, ग्रामीण क्षेत्रो की महिलायें अपना पंजीकरण कर सकती है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को निम्न प्रकार से योग्य होना चाहिए साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजो की जरूरत होती है जो महिलाओं के पास होना अनिवार्य है तभी वह इस योजना के लिए पात्र हो सकती है जैसे-

  1. जननी सुरक्षा योजना से जुड़ने के लिए गर्भवती महिलाओं की उम्र 19 वर्ष या इससे अधिक होना चाहिए। 19 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत नामांकन नही मिल सकता है।
  2. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को अपना प्रसव किसी सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी निजी संस्थान में ही कराना होगा। यदि महिला की डिलीवरी किसी प्राइवेट अस्पताल में होती है तो उसे इस योजना का लाभ नही मिल सकता है।
  3. जननी सुरक्षा के अंतर्गत किसी भी एक महिला को उसके सिर्फ दो बच्चे तक कि डिलीवरी पर ही उसे इस योजना का लाभ मिलेगा। अर्थात यदि किसी महिला ने दो प्रसव तक इस योजना का लाभ ले चुकी हैं तो उसे तीसरे प्रसव में इस योजना का लाभ नही मिल सकता है। केवल दो बच्चों को जन्म देने के लिए किसी भी गर्भवती महिला को जननी सुरक्षा योजना के तहत चिकित्सकिय और वित्तीय सुविधाओ को प्रदान किया जाएगा।
  4. यदि किसी महिला ने दो बार प्रसव तक जननी सुरक्षा योजना का लाभ एक बार भी नही लिया है तो तीसरी बार प्रसव यदि जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी प्रणाली द्वारा कराती हैं तो उसे इस योजना का अवश्य ही लाभ मिलेगा।
  5. यदि कोई भी गर्भवती महिला प्रसव के दौरान किसी मृत बच्चे को जन्म देती है तो समय से पहले या बीच मे किसी जीवित बच्चे को जन्म देना वैध मामलो के रूप में माना जाता है। तो उसे भी इस योजना के तहत वादे के मुताबिक पूरे पैसे मिलेंगे।
  6. सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि सीधे महिला के बैंक एकाउंट में जायेगा। इसलिए महिला के नाम से बैंक एकाउंट होना चाहिए और बैंक एकाउंट आधारकार्ड से लिंक होना चाहिए।

Janani Surksha Yojna Required Documents

जननी सुरक्षा योजना के तहत देश मे गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली सभी महिलाओं को प्रसव के बाद आर्थिक लाभ मिलेगा। यदि वे इस योजना का लाभ उठाना चाहती है तो इसके लिए महिलाओं को अपना पंजीकरण करवाना होगा इसके लिए निम्नलिखित प्रकार की दस्तावेजो की आवश्यक्ता पड़ सकती है। जैसे-

  1. आधारकार्ड
  2. पहचान पत्र
  3. सरकारी अस्पताल द्वारा जारी डिलीवरी सर्टिफिकेट
  4. महिला के नाम से बैंकखाता संख्या, पासबुक
  5. BPL राशन कार्ड
  6. निवास प्रमाण पत्र
  7. जननी सुरक्षा कार्ड
  8. पासपोर्ट साइज फोटो
  9. मोबाइल नम्बर इत्यादि।

प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना 2020 की नई व्यवस्था

जननी सुरक्षा योजना 2020 को अब एक नया मोड़ दे दिया गया है। अब जननी योजना की सूचना को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के पोर्टल पर अपलोड होगी। इसके लिए जिले के सभी एमओआईसी को पत्र जारी कर निर्देश दिया गया है। चूँकि जननी सुरक्षा योजना और मातृत्व वन्दना योजना दोनों ही केंद्र प्रायोजित योजना है। दोनों को ही महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संचालित करता है ये दोनों योजनाए मातृ सुधार के लिए शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत महिला एवं बाल विकास के लिए पोषण सामग्री भी दिया जा रहा है। इस योजना के तहत महिला के गर्भवती होने से लेकर शिशु के जन्म होने तक तीन किस्तों में 5000/रु दिए जा रहे है। साथ ही नई व्यवस्था के तहत गर्भवती महिलाओं के पोषण को बढ़ावा दिया गया है। इसमें प्रसव से पूर्व 9 महीने तक महिला को पोशाहार दिया जा रहा है और प्रसव के बाद शिशु को 3 वर्षो तक पोशाहार दिया जा रहा है।

जननी सुरक्षा योजना 2020 Online Registration

हमारे देश भारत की कोई भी गर्भवती महिला यदि इस योजना के तहत सरकार द्वारा वित्तीय सेवाओं और सुविधाओं का लाभ लेना चाहती है। तो इसके लिए सबसे पहले महिला को Ministry Of Health And Family Welfare, Government of India की Official Website पर जाकर जननी सुरक्षा योजना की Application Form PDF Download करना होगा। उसके लिए लिंक इस प्रकार है – www. nhp.gov.in/janani-surksha-yojna-jsy/

उसके बाद Application फॉर्म में दी गई सभी जानकारियो को जैसे कि गर्भवती का नाम, मुहल्ले के नाम, अपना पता इत्यादि सभी जानकारी सही सही भरनी होगी। फॉर्म भरने के बाद आपको आवेदन फॉर्म के साथ सभी मुख्य दस्तावेजो को अटैच करना है। फिर आवेदन फर्म को अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता या महिला स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जमा करना होगा। अर्थात देश की इच्छुक गर्भवति महिला को इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने प्रसव और शिशु के जन्म के लिए किसी भी सरकारी अस्पताल या निजी संस्थान में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह कार्य आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा किया जाएगा। जननी सुरक्षा का एक फॉर्म भरकर आप इस योजना से जुड़ सकते हैं। जननी सुरक्षा योजना में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को पत्सव के हल भी और बाद में भी सरकार द्वारा नकद आर्थिक सहायता दी जाती है।

जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य

जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं को संस्थागत एवम सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है। Janani Surksha Yojna का मुख्य उद्देश्य जन्म के समय जननी और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना है। इस के लिए सरकारी अस्पतालों में बच्चों की डिलीवरी के लिए सरकार महिलाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराने पर सरकार हर गर्भवती महिला को 6000/रु की आर्थिक सहायता भी कर रही है।

जननी सुरक्षा योजना के तहत हर वर्ष एक करोड़ से भी ज्यादा महिलाओं को सहायता प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए सरकार प्रत्येक वर्ष 1600 करोड़ रु खर्च कर रही है। हमने देखा कि देश मे हर वर्ष गर्भावस्था के दौरान 56,000 से भी अधिक महिलाओं की मौत हो जाती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की स्थिति में सुधार लाने के लिए ही जननी सुरक्षा योजना की योजना की गई है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य निम्न प्रदर्शन करने वाले राज्यो जैसे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, ओडिसा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर आदि का विकास करना है।

Conclusion

उम्मीद है कि Pradhanmantri Janani Surksha Yojna – (JSY) की जानकारी आपको पसंद आई होगी आप इस जानकारी को अपने मित्रों के साथ शेयर कर के हमारा मनोबल बढ़ा सकते है ताकि इसीतरह और भी नई-नई जानकारी हम आपके लिए लिख सके। यदि आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप निचे कमेंट बॉक्स में हमे बता सकते है।

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