Heart Blockage क्या है? Heart Attack Symptoms in Hindi

Heart Blockage Kya Hai? Heart Attack Kaise Hota Hai? Heart Blockage Ke Upay

Heart Blockage क्या है? Heart Attack Symptoms in Hindi – नमस्कार दोस्तों, गंगाज्ञान पर आप सबों का फिर से स्वागत है। आज के इस आधुनिक रहन सहन के तौर तरीकों का असर हमारे शरीर पर पड़ रहा है। आज के युग मे काम, प्रेशर, टेंशन, जिम्मेदारियों से भरी इस भागदौड़ की जिंदगी में व्यक्ति इतना व्यस्त हो जाता है कि अपनी सेहत पर भी ध्यान नही दे पाता है। जिस कारण कभी-कभी उन्हें बहुत ही गंभीर बीमारियां जकड़ लेती है जिसका उन्हें पता भी नही चल पाता है और बाद में वे बिल्कुल इस बात को लेकर परेशान हो जाते हैं और इस सम्बंध में अपने स्पेशलिस्ट डॉक्टर से संपर्क करते हैं।

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आज के इस पोस्ट में हम आपको ऐसे ही एक गभीर बीमारी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमे Heart Blockage Kya Hota Hai? यह कैसे होता है? हार्ट ब्लॉकेज को कैसे खोले? हार्ट ब्लॉकेज के क्या कारण और कौन-कौन से लक्षण हमे महसूस होते है? हार्ट ब्लॉकेज कितने स्टेज तक होता है और इससे क्या खतरा हो सकता है? हार्ट ब्लॉकेज से कैसे छुटकारा पाए? हार्ट अटैक कैसे होता है?

इन सभी तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए हम आपको हार्ट ब्लॉकेज से छुटकारा पाने का बहुत ही कारगर आयुर्वेदिक घरेलू उपचार के बारे में बताने वाले हैं। ताकि हार्ट अटैक की समस्या न उत्पन्न हो और आपके समक्ष एंजियोप्लास्टी और वायपास जैसे ऑपरेशन की नौबत न आये और आपके लाखो रुपये बर्बाद न हो। तो दोस्तो, चलिए जानते है कि हार्ट ब्लॉकेज क्या होती है। और इसके उपाय के बारे में विस्तार से।

Heart किसे कहते हैं? यह क्या कार्य करता है?

हार्ट मनुष्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है यह शरीर का संवेदनशील अंग है, हार्ट में हमारे शरीर की आत्मा का वास होता है। यह हमारे शरीर का सेन्टर पार्ट होता है तथा इसका वजन मनुष्य में 3.75 ग्राम होता है।

हार्ट के functions (कार्य)

इसका मुख्य कार्य धड़कना होता है। हमारा हार्ट एक बार मे 72 बार धड़कता है जो एक दिन में लगभग एक लाख बार धड़कता है जिसके एक धड़कन में लगभग 70 ml (4-5 litre) रक्त पंप करता है। यह हमारे शरीर मे जो भी न्यूट्रॉन्स होते है उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाता है। इसलिए हार्ट की मांसपेशियों को भी न्यूट्रॉन्स, ऑक्सीजन, केमिकल्स, ग्लूकोज इत्यादि की जरूरत होती है।

मनुष्य का हृदय चार भागों में बंटा होता है। हृदय के ऊपर के लेफ्ट एंड right दोनो कोस्ट को ऑरिकल कहते हैं। जो रक्त को एकत्रित करता है। जबकि नीचे के लेफ्ट एंड राइट दोनो कोस्ट को वेंट्रिकल कहते हैं जो रक्त को पंप करता है। इसका मुख्य कार्य पंप करना और ब्लड का circulation करना होता है। अशुद्ध रक्त शिराओं के माध्यम से राइट ऑरिकल में पहुचता है इसके बाद राइट वेंट्रिकल में जाता है।

राइट वेंट्रिकल से पॉलमोनारि आर्टरीज़ के द्वारा lungs में पहुँचता है यहाँ पर ऑक्सीजन और कॉर्बन डाई ऑक्साईड का एक्सचेंज होता है। शुद्ध रक्त पॉल मोनारि वेंट्रिकल के द्वारा लेफ्ट ऑरिकल में आता है। इसके बाद लेफ्ट वेंट्रिकल में जाता है। यहां से पंप करके शुद्ध रक्त धमनियों के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों में भेज दिया जाता है। शुद्ध रक्त धमनियों में और अशुद्ध रक्त शिराओं में प्रवाहित होता है।

लेकिन मनुष्य की एक ऐसी धमनी पल्मोनरी आर्टरीज़ है जिसमे शुद्ध रक्त के बजाय अशुद्ध रक्त बहता है तथा एक ऐसी शिरा पलमोनरी वेंट्रिकल होती है जिसमे अशुद्ध रक्त के बजाय शुद्ध रक्त बहता है। शुद्ध रक्त में O2 की मात्रा अधिक होती है और CO2 की मात्रा कम होती है। जिसका रंग लाल होता है जिसे ऑक्सीजेनेटेड ब्लड कहते हैं जो हार्ट के धमनी में प्रवाहित होता है। जबकि अशुद्ध रक्त में CO2 की मात्रा अधिक और O2 की मात्रा कम होती है। इसका रंग नीला होता है।इन्हे अनऑक्सीकृत रक्त कहते हैं।यह हमेशा शिराओं में बहता है।

Heart Blockage क्या है?

हार्ट ब्लॉकेज दिल की धड़कन से जुड़ी एक रोग है Heart Blockage एक ऐसी कंडीशन उत्पन्न हो जाती है जिसमे दिल की धड़कन धीरे-धीरे धड़कता है। यानी कि हार्ट ब्लॉक होने लगता है। दिल सुचारू रूप से कार्य नही करने पाता है। जिस कारण सीने में चुभन जैसी दर्द फील होने लगती है और स्वांस लेने में कठिनाइयां होती है। इस दौरान हार्ट रुक-रुक कर धड़कता है। यह एक ऐसी बीमारी है जो किसी के भी साथ हो सकती है यहां तक कि कुछ लोगो मे हार्ट ब्लॉकेज जन्म लेने के साथ ही उत्पन्न हो जाती है तो कुछ लोगो मे बड़े होने के साथ बाद भी यह समस्या हार्ट को घेर लेती हैं। अर्थात हार्ट ब्लॉक स्त्री हो या पुरुष, बच्चा हो या वृद्ध व्यक्ति के साथ किसी भी उम्र में हो सकती है।

आज के युग मे खान-पान और रहने के तौर तरीकों के कारण ज्यादातर मनुष्यो में हार्ट के ब्लॉक् होने और हार्ट अटैक की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है।

Heart Blockage कैसे होता है?

आयुर्वेद के अनुसार ज्यादा तनाव, टेंशन, खाने पीने पर ध्यान नही देना, ज्यादातर तैलीय पदार्थो का सेवन करना , हानिकारक नशीले पदार्थो का सेवन करना, व्यायाम नही करना इत्यादि कारणों से मानव शरीर के हार्ट में मौजूद धमनियों की दीवारों में कफ धातु बनने लगता है। तो ऐसी स्थिति के कारण उत्पन्न विकार को हृदय प्रतिचय या हार्ट ब्लॉकेज दिल की रुकावट कहा जाता है।

जो हार्ट ब्लॉकेज जन्म लेने के साथ ही उत्पन्न हो जाता है उसे Congenital Heart Block कहते हैं। लेकिन जो हार्ट ब्लॉकेज बढ़ते उम्र के अनुसार उत्पन्न होता है उसे एक्वायर्ड हार्ट ब्लॉकेज कहते हैं। साथ ही साथ कोरोनरी आर्टरीज़ धमनी में किसी भी प्रकार की रुकावट होती है तो इस कारण हार्ट में ब्लड की पूर्ति कम होने लगती है जिससे ब्लड में थक्के बनने शुरू होने लगते है। इसी वजह से व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है जिसे एक्यूट मायोकार्डियल इंफॉर्क्सन कहते हैं।

हार्ट ब्लॉकेज के क्या कारण है?

Heart Blockage होने के अनेकों कारण होते हैं। हार्ट ब्लॉक कोलेस्ट्रॉल, फैट, फाइबर, टिश्यू और सफेद रक्त सेल (WBC) के मिश्रण से होता है जो धीरे-धीरे नसों की दीवारों पर चिपक जाता है। यह हरात ब्लॉक होने का कारण है। इसलिए हमें खान पान और रहन-सहन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

Heart Blockage कितने स्टेज तक होता है? हार्ट अटैक कैसे होता है?

ब्लॉक का जमाव उसके गाढ़े होने और टूट जाने की प्रवृति के अनुसार दो स्टेज में विभाजित किया जाता है। चलिये विस्तार से जानते है कि स्टेबल हार्ट ब्लॉक और अन्स्टेबल हार्ट ब्लॉक क्या होता है और दोनों में क्या अंतर होता है। क्या दोनो ही परिस्थितियों में व्यक्ति जीवित रह सकता है या नही ।

1. स्टेबल हार्ट ब्लॉक (नो हार्टअटैक)

2. अन्स्टेबल हार्ट ब्लॉक (हार्ट अटैक)

1. स्टेबल हार्ट ब्लॉक (नो हार्टअटैक) 

अगर ब्लॉक गाढ़ापन और कठोर होता है तो ऐसे ब्लॉक को स्टेबल ब्लॉक कहा जाता है। स्टेबल हार्ट ब्लॉक से ज्यादा गंभीर समस्याओं का सामना नही करना पड़ता है और न ही इससे दिल का दौरा पड़ता है। क्योंकि इस तरह का ब्लॉक धीरे-धीरे बढ़ता है। जिससे रक्त संचार होने में ज्यादा समस्या नही होती है। ऐसी परिस्थिति में रक्त संचार को नई आर्टरीज़ का रास्ता ढूंढने के मौक़ा मिलता है। इसी को हम कोलेटरल vessal भी कहते है। यानी कि ये vessal ब्लॉक हो चुकी आर्टरीज़ को बाईपास करती है। साथ ही साथ हार्ट की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुचाने में मदद करती है। और व्यक्ति को जीवित रखती है यानी कि व्यक्ति को हार्ट अटैक होने की संभावना नही रहती है।

2. अन्स्टेबल हार्ट ब्लॉक (हार्ट अटैक) 

यदि ब्लॉक मुलायम और लचीला टाइप का होता है तो इसे तोड़े या टूट जाने के अनुकूल माना जाता है। इसे अन्स्टेबल हार्ट ब्लॉक कहा जाता है। अन्स्टेबल हार्ट ब्लॉक में हार्ट की मांसपेशिया गंभीर रूप से खराब हो जाती है। जिस कारण व्यक्ति को अचानक ही हार्ट अटैक पड़ जाता है और वह कार्डिएट डेथ का शिकार हो जाता है।

क्योंकि अन्स्टेबल हार्ट ब्लॉक में ब्लॉक पतला होकर टूट जाता है और टूटने के बाद रक्त में मिलने लगता है जिस कारण उस जगह पर एक खतरनाक थक्का बन जाता है और रक्त संचार मार्ग बंद हो जाता है जिस कारण कोलेस्ट्रॉल को विकसित होने का पूरा समय नही मिल पाता है और दिल का दौर पड़ने लगता है। और रोगी मर जाता है। क्योंकि यह सबसे लास्ट स्टेज हो जाता है। इसलिए ऐसी परिस्थिति से बचने के प्रारंभिक स्टेज से ही इलाज शुरू कर देना चाहिए ताकि ब्लॉकेज खुल जाए और अन्स्टेबल हार्ट ब्लॉक की स्थिति न उत्पन्न हो।

Note:- हार्ट ब्लॉकेज को जांचने के लिए ECG (इलेक्ट्रो कार्डियो ग्राम ) एंजियोग्राफी यंत्र का प्रयोग किया जाता है।जिससे यह पता चलता है कि हार्ट की क्या स्थिति है एक कितना % ब्लॉक हुआ है।

हार्ट ब्लॉकेज के क्या-क्या लक्षण हो सकते है?

जब किसी को हार्ट ब्लॉकेज की समस्या होने लगती है तो प्रारंभिक स्थिति में ज्यादातर खाश लक्षणों का आभास नही हो पाता है हमे यह नही मालूम हो पाता है कि ऐसा यह हार्ट ब्लॉक ही है। क्योंकि हार्ट ब्लॉक अलग-अलग स्टेज में होता है।लेकिन दूसरी बार में हार्ट का धड़कना थोड़ा कम होने लगता है। जिस कारण हमें सांस लेने में परेशानी होने लगती है और दिल की धड़कन रुक-रुक कर धड़कती है। यानी slow हो जाती है ।लेकिन जैसे ही यह तीसरा स्टेज पार करता है तो अचानक व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने लगता है। चौथा स्टेज में हार्ट अटैक आने लगते हैं जिससे जान भी जा सकती है।

चलिये जानते हैं कि Heart Blockage होने पर हमें क्या क्या लक्षण महशुस होने लगते हैं-–

  1. बार बार सिर दर्द आना
  2. कमजोरी महशुस होना
  3. काम करते समय थक जाना और काम के दौरान हांफना
  4. चक्कर आना, बार बार बेहोश होना
  5. सांस का धंसना ,फूलना, या सांस लेने में घबराना
  6. गर्दन,ऊपरी पेट, जबड़े,गले या पीठ में रुक रुक कर भयानक दर्द होना
  7. पैरों और हाथों की हड्डियों का दर्द होना या सुन्न हो जाना
  8. बहुत ज्यादा ठंड लगना
  9. दिल की धड़कन में सुई की तरह चुभन महशुस होना।
  10. बहुत ज्यादा पसीना आना,छाती में दबाव होना इत्यादि।

हार्ट ब्लॉकेज खोलने के आयुर्वेदिक घरेलू उपचार क्या क्या हैं?

जब किसी को हार्ट ब्लॉकेज की समस्या उत्पन्न होती है तो वह घबरा जाता है। वह नर्वस होने लगता है और कई तरह की कोशिश भी करता है जिससे हार्ट ब्लॉकेज खुल जाए। इसके लिए डॉक्टर की सलाह से एलोपैथिक दवाइयों का सेवन भी  करते है।

लेकिन एलोपैथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट बहुत ज्यादा लोगो मे देखने को मिलता है। इसलिए इन दवाइयों के अपेक्षा यदि हम आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन करे तो हमे ज्यादा लाभ मिलता है और कोई साइड इफेक्ट भी नही होता है। तो चलिए हम आपको हार्ट ब्लॉकेज खोलने के लिए कुछ आयुर्वेदिक घरेलू उपचार के बारे में बताने जा रहे है –

1. अर्जुन की छाल और दालचीनी से खोले हार्ट ब्लॉकेज

अर्जुन की छाल में हार्ट से जुड़ी सारी बीमारियां जैसे हाई कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, आर्टरीज़ में ब्लॉकेज और कोरोनरी में डिजीज इत्यादि के इलाज में कारगर औषधीय गुण होता है। यह कोलेस्ट्रॉल क्लेवेल को नियमित रखता है, बेकार कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, नए कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है और दिल को मजबूत करता है। आयुर्वेद के अनुसार इसका इस्तेमाल करने से हार्ट ब्लॉकेज धीरे-धीरे खुल जाता है। इसकी छाल में प्राकृतिक ऑक्सीडाइजिंग तत्व होते हैं। साथ ही साथ दालचीनी बेकार कोलेस्ट्रॉल को कम। करती है इसमे भी ऑक्सीडाइजिंग तत्व होते है जो सांस की तकलीफ को दूर करती है।

अर्जुन की छाल और दालचीनी के प्रयोग

इसका प्रयोग चाय के रूप में कर सकते हैं। इसके लिए आपको 6 ग्राम अर्जुन की छाल से बने पाउडर या 6 ग्राम दिव्य अर्जुन क्वाथ पाउडर लेनी है। साथ मे एक चुटकी दालचीनी पाउडर लेनी है। अब एक गिलास पानी मे डालकर उबाल लें ।स्वानुसार चीनी भी मिला सकते हैं या इसी तरह भी पी सकते हैं। अब आधा गिलास पानी रहने तक उबाले फिर छानकर गुनगुने होने के बाद इसका सेवन करे इसका सेवन आप सुबह शाम कुछ भी खाने के 1 घंटे पहले ही कर लें उसके बाद ही कुछ खाये।

या यदि आपको अर्जुन की ताजा ताजा उपलव्ध हो जाये तो 1kg अर्जुन की छाल को एक लीटर पानी मे आधा रहने तक पकाए कुछ दालचीनी के टुकड़े भी डाल लें। इसे छानकर कांच की बोतल में रख लें। अब रोज 30ml एक गिलास गुनगुने पानी मे डालकर शुबह शाम खाली पेट इसका सेवन करें। आप छै तो एक चम्मच चीनी भी ऐड कर लें। अब एक तक बाद ही आप कोई भी चीज का सेवन करें।

2. दिव्य हृदयामृत वटी है हार्ट ब्लॉकेज में कारगर – दिव्य हृदयामृत वटी टैबलट की 2 -2 गोली रोज सुबह शाम खाली पेट लेने से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या दूर होने लगती है।

3. लौकी आँवला स्वरस या लौकी के जूस – प्रतिदिन 100ml पानी मे 2से3 ढक्कन लौकी आँवला स्वरस को मिलाकर खाली पेट सुबह शाम पाइन से से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या खत्म हो जाती है।इस मिश्रण के सेवन से हार्ट मजबूत और स्वस्थ्य बना रहता है।यह रक्त की अम्लता कम करती है।

हार्ट ब्लॉकेज से छुटकारा पाने के लिए ताजी लौकी का जूस अत्यधिक फायदेमंद होता है। इसे बनाने के लिए एक ताजी लौकी लें ,उसे छीलकर कद्दूकस कर लें,फिर उसमें सेंधा नमक मिलाकर कुछ समय के लिए छोड़ दे ।अब उसे हाथों की मदद से गार कर जूस अलग कर लीजिए।इसका सेवन आप सुबह शाम खाली पेट करे।

4. खरबूजे के बीज, अलसी और अखरोट से हार्ट ब्लॉकेज कम करें-

अलसी रक्तचाप और सूजन को कम करता है अलसी में मौजूद फाइबर धमनियों को साफ करता है यह दिल को मजबूत करता है। खरबूजे के बीज, अखरोट में भी बंद नशों को खोलने की क्षमता होती है। इसके प्रयोग करने के लिए हमे 1ग्राम दालचीनी, 10 ग्रा कालीमिर्च, 10 ग्रा तेजपत्ता, 10 ग्रा खरबूजे का बीज (मगज) 10 ग्रा अलसी, 10 ग्रा अखरोट, 10 ग्रा मिसरी लेना होगा अब इसे बारीक पीसकर एक कांच के बर्तन में रख ले। अब सुबह शाम खाली पेट गर्म पानी के साथ 1 चम्मच इसका सेवन करे ऐसा 15 से 20 दिन तक करने से सारे ब्लॉक्स बैंड नशे खुल जाते हैं।

5. पीपल के पत्ते 100% हार्ट ब्लॉकेज को करे खत्म– पीपल के पत्तो में दिल को बल और शांति देने की क्षमता होती है। इसके लिए आपको पीपल के 15 -20 पत्ते लेने होंगे। पत्तो को साफ करके 1 गिलास पानी मे उबालकर छान लें। अब ठंडा कर लें। इसे खाना खाने के बाद शुबह दोपहर शाम लेना है। इसे आप तब तक ले सकते है जब तक ब्लॉकेज खत्म ना हो जाये।

6. पुदीने के पत्ते से 100% हार्ट ब्लॉकेज करे कम- पुदीने के पत्ते से हृदय के सारे रोग जड़ से मिट जाते हैं। काली मिर्च में खून को पतला बनाये रखने और खून में थक्का बनने से रोकने के विशेष गुण हैं। पुदीने के पते को छाया में सुखाकर पाउडर बना ले । काली मिर्च को भी पीस लें। अब इसे अलग अलग कांच की बर्तन में। बंद करके रख लें। शुबह शाम खाना खाने के बाद दो चुटकी पुदीने का चूर्ण में एक चुटकी काली मिर्च पाउडर मिलाकर कहा लें । फिर पानी पी लीजिये।

7. एप्पल साइडर वेनेगर से करे घरेलू उपचार

एप्पल साइडर सिरका कोलेस्ट्रॉल को कम करता है साथ ही पेट की सारी समस्याओं को दूर करता है। इसके बहुत सारे फायदे हैं। हार्ट ब्लॉकेज खत्म करने के लिए हमे इसमे और भी इंग्रीडिएंट्स ऐड करना है। हमे चाहिए आधा कप अदरख का रस, आधा कप निम्बू का रस, आधा कप लहसुन का रस, आधा कप एप्पल सिरका सबको मिलाकर धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब यह एक तिहाई न हो जाये, अब इसे ठंडा करके इसमे 3 गुणा शहद मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर करके किसी हवाबंद कांच के बर्तन में रख दे। रोज सुबह खाली पेट 2 चम्मच इसके सेवन से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या खत्म हो जाएगी।

Heart Blockage में क्या-क्या परहेज करें?

हार्ट ब्लॉकेज में बहुत ज्यादा खान पान पर ध्यान देने की जरूरत होती है। हमे टेंशनमुक्त रहना चाहिए। ज्यादातर बैठकर समय न बिताए। हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को बढ़ावा देने वाले वस्तुवों का सेवन न करे। ज्यादा से ज्यादा हरे साग सब्जियों का सेवन करें। चावल कम खाएं।

चलिये जानते हैं कि हमे Heart Blockage क्या-क्या खाने पीने के चीजों का परहेज करना चाहिए-

  1. धूम्रपान, तम्बाकू, शराब और नशीले पदार्थो का सेवन बिल्कुल न करें क्योंकि इससे समस्या और भी बढ़ जाती है।
  2. मांस,मशालेदार भोजन, तैलीय भोजन (फ्राइड फ़ूड),पैकेट फूडइत्यादि का सेवन न करें। इसमे ज्यादा मात्रा ट्रांसफैट रहता है जो हार्ट ब्लॉकेज को विकसित करता है।
  3. रिफाइन आयल से बनी भोजन का सेवन न करें ।सबसे ज्यादा ट्रांसफैट रिफाइन ऑयल में पाया जाता है।जो सेहत के लिए हानिकारक होता है। यह धमनियों के ऊपर एक परत के रूप में जम जाता है और रक्त के प्रवाह को रोकता है।
  4. समुंद्री नमक का प्रयोग न करे,इसके जगह सेंधा नमक का प्रयोग करे ,साथ ही कम मात्रा में नमक खाए। समुद्री नमक से हाइपरटेंशन बढ़ता है।
  5. शुगर (चीनी) कम खाना चाहिए,ज्यादा मीठा नही कहना चाहिए ।ऐसे पदार्थो के सेवन से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है जो रक्त में थक्के बना सकती है।
  6. रोजाना कम से कम 8-10 घंटे की नींद ले न।ज्यादा रात तक न जगे रहें।कोई भी चिंता न करें ।

नोट – इसमें बताये गए उपचार और दवाओं का सेवन करने से पहले आप किसी विशेसज्ञ की सलाह जरूर लें।

उम्मीद है की Heart Blockage Kya Hai? की जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी आप इस जानकारी को अपने मित्रों के साथ शेयर कर के हमारा मनोबल बढ़ा सकते है ताकि हम इसी तरह और भी नई जानकारियां आपके लिए लिख सके। यदि आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप निचे कमेंट बॉक्स में बता सकते है।

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